कोरबा जिले की गेवरा खदान (SECL) में 22 फरवरी 2026 की रात पीएनसी कंपनी के बाउंसरों द्वारा ड्राइवर अजय दास के साथ हुई मारपीट और गुंडागर्दी की घटना के बाद,

कोरबा जिले की गेवरा खदान (SECL) में 22 फरवरी 2026 की रात पीएनसी कंपनी के बाउंसरों द्वारा ड्राइवर अजय दास के साथ हुई मारपीट और गुंडागर्दी की घटना के बाद,
ड्राइवरों ने एकजुट होकर काम बंद कर दिया है। यह हड़ताल अब जारी है, और मजदूरों की सुरक्षा, सम्मान व अधिकारों की मांग को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 24 घंटा से ज्यादा काम बाधित रहा जिसमें SECL को काफी नुकसान हुआ
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर राजनीतिक संगठन, जो छत्तीसगढ़िया, स्थानीय मजदूरों के हक और बाहरी कंपनियों की मनमानी के खिलाफ सक्रिय है, ने इस मामले में मजबूत आवाज उठाई है। प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल मौके पर मौजूद रहे, मजदूर भाइयों से मिले, उनकी पीड़ा सुनी और संगठन की ओर से पूरा समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया मजदूरों पर लगातार हो रही ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। संगठन ने मांग की है:- दोषी बाउंसरों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई पीड़ित अजय दास को उचित मुआवजा, इलाज और सुरक्षा एक पीएनसी कंपनी में मजदूरों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था
स्थानीय छत्तीसगढ़िया युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार
उमागोपाल के नेतृत्व में क्रान्ति सेना ने पहले भी कोरबा, दीपका, गेवरा जैसी खदानों में मजदूर हितों के लिए कई सफल आंदोलन किए हैं, जैसे बोनस विवाद, भर्ती में स्थानीयों की मांग आदि। इस हड़ताल में भी उनका सक्रिय सहयोग मजदूरों के मनोबल को बढ़ा रहा है।
वर्तमान में गेवरा खदान में परिवहन कार्य ठप है, कोयला लोडिंग प्रभावित हो रही है। पुलिस को शिकायत मिली है, लेकिन अभी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो क्रान्ति सेना और मजदूर यूनियनों ने बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
यह घटना छत्तीसगढ़ की खदानों में मजदूरों की सुरक्षा, निजी कंपनियों की गुंडागर्दी और छत्तीसगढ़िया अस्मिता के सवाल को फिर से जोरदार तरीके से उठा रही है।
Live Cricket Info







