SSIPMT की इंजीनियरिंग छात्राओं ने रचा इतिहास, भारत सरकार से मिला पेटेंट

SSIPMT की इंजीनियरिंग छात्राओं ने रचा इतिहास, भारत सरकार से मिला पेटेंट
AI आधारित उपस्थिति प्रणाली को मिली 20 वर्षों की मान्यता
रायपुर | जनवरी 2026
( ecoindiatoday) श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SSIPMT), रायपुर की छात्राओं ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए संस्थान और प्रदेश का नाम रोशन किया है। संस्थान की तीसरे सेमेस्टर की इंजीनियरिंग छात्राओं को भारत सरकार द्वारा भारतीय पेटेंट प्रदान किया गया है।
भारत सरकार के पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय ने यह पेटेंट संख्या 577404 के अंतर्गत स्वीकृत किया है, जिसकी वैधता आगामी 20 वर्षों तक रहेगी। यह पेटेंट जिस नवाचार के लिए दिया गया है, उसका शीर्षक है —
“इन्फ्रारेड लेजर आधारित चेहरे की पहचान उपस्थिति प्रणाली और उसकी विधि”।
यह प्रणाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित, संपर्क-रहित तथा कम रोशनी में भी सटीक रूप से कार्य करने वाली है। यह आधुनिक तकनीक शैक्षणिक संस्थानों में प्रचलित पारंपरिक उपस्थिति प्रणालियों की कमियों को दूर करने में सक्षम है और डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस पेटेंट को प्राप्त करने वाली छात्राएं इशानी कौर, एलिन मसीह, ता टेकाम एवं अंशिका कुमारी हैं। यह शोध एवं नवाचार कार्य SSIPMT के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. डी. एस. क्षत्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
संस्थान प्रशासन के अनुसार, यह सफलता SSIPMT की उस शिक्षा नीति को दर्शाती है, जिसमें रिसर्च, इनोवेशन और पेटेंट कल्चर को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। SSIPMT आज केंद्रीय भारत में नवाचार आधारित तकनीकी शिक्षा के एक सशक्त केंद्र के रूप में उभर रहा है।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
SSIPMT प्रबंधन ने कहा कि
“तीसरे सेमेस्टर में ही भारतीय पेटेंट प्राप्त करना विद्यार्थियों की प्रतिभा और संस्थान की नवाचार केंद्रित शिक्षा प्रणाली का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य छात्रों को केवल शैक्षणिक ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य के लिए तैयार तकनीकी नेतृत्व प्रदान करना है।”
इस उपलब्धि में कोरबा की छात्रा इशानी कौर की भूमिका भी सराहनीय रही। संस्था के चेयरमैन (बीजी) निशांत त्रिपाठी ने कहा कि कोरबा जैसे औद्योगिक और पब्लिक सेक्टर से समृद्ध क्षेत्रों के अभिभावक, बेहतर शिक्षा और प्लेसमेंट के लिए SSIPMT पर लगातार विश्वास जताते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थान में इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि आज की मल्टीनेशनल कंपनियां ऐसे विद्यार्थियों को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास नवाचार आधारित कौशल होता है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि अब छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग छात्रों को 45 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक के जॉब ऑफर मिल रहे हैं।
SSIPMT प्रबंधन ने छात्राओं और उनके मार्गदर्शक को बधाई देते हुए भविष्य में भी अनुसंधान एवं पेटेंट आधारित कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित करने की बात कही।
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