प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा खेल! फर्जी जिओ-टैग कर गरीब हितग्राहियों की राशि हड़पने का आरोप, जांच की मांग

प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा खेल! फर्जी जिओ-टैग कर गरीब हितग्राहियों की राशि हड़पने का आरोप, जांच की मांग
(Ecoindiatoday)कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को लेकर जनपद पंचायत कोरबा में गंभीर आरोप सामने आए हैं। जनपद पंचायत कोरबा की महिला एवं बाल विकास समिति के अध्यक्ष नंदकुमार कंवर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को पत्र सौंपकर योजना के तत्कालीन प्रभारी ब्लॉक समन्वयक अभिषेक चौरसिया के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि ब्लॉक समन्वयक का पद रिक्त होने के दौरान अभिषेक चौरसिया को प्रभारी ब्लॉक समन्वयक का प्रभार दिया गया था। इसी दौरान आवास मित्रों और रोजगार सहायकों पर कथित रूप से दबाव बनाकर आवास निर्माण की राशि में हिस्सेदारी लेने और फर्जी जिओ-टैग के जरिए आवास निर्माण की प्रगति दिखाने का आरोप लगाया गया है।
पत्र के मुताबिक, ग्राम पंचायत श्यांग के एक युवक द्वारा कथित कमीशनखोरी का वीडियो बनाकर वायरल किया गया, जिसके बाद मामला सामने आया। पत्र में यह भी आरोप है कि वीडियो में रोजगार सहायक द्वारा अभिषेक चौरसिया से फोन पर बातचीत के दौरान राशि की मांग का उल्लेख सामने आया था।
गरीबों के आवास में भी कथित फर्जीवाड़े का आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कुछ गरीब और कमजोर आवास हितग्राहियों का चयन कर उनके आवास को फर्जी जिओ-टैग कराया गया और उनके खातों से राशि निकालकर हड़पने का आरोप लगाया गया। पत्र में दावा किया गया है कि कई आवास वास्तव में अधूरे और अपूर्ण हैं, जबकि रिकॉर्ड में उन्हें पूर्ण बताया गया।
ग्राम पंचायत लेमरू में आवास मित्र महबूब अली के साथ मिलकर आवास निर्माण में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप भी पत्र में लगाया गया है।
राशि वसूली और धमकी देने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रोजगार सहायकों को राशि वसूलकर लाने के लिए दबाव बनाया जाता था और राशि नहीं वसूलने पर रोजगार सहायकों व अन्य कर्मचारियों को पद से हटाने की धमकी दी जाती थी। पत्र में दावा किया गया है कि अवैध वसूली के लिए ब्लॉक समन्वयक की भूमिका जिम्मेदार बताई गई है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान रोजगार सहायक को दोषित कर मामले को लीपापोती करने का प्रयास किया गया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार कथित अवैध वसूली की जिम्मेदारी अभिषेक चौरसिया की थी।
कई पंचायतों के आवासों की भौतिक जांच की मांग
शिकायत पत्र में ग्राम पंचायत श्यांग, लेमरू, लबेद, गिरारी, अमलडीहा, चिर्रा और नाकिया में प्रधानमंत्री आवासों की वास्तविक भौतिक स्थिति की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही कथित वसूली के वीडियो की दोबारा जांच कर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने तथा अभिषेक चौरसिया को पद से पृथक करने का अनुरोध किया गया है।
मामले में अब जिला पंचायत प्रशासन द्वारा शिकायत पर किस स्तर की जांच और कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी। हालांकि पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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